अईसे काहे बघुआ के, अंखिया तरेर के देख रहा है बे,
साला..नंगा..भुक्खर ...???
आ ...समझा !!! ... भूखा है ???
त ई से हमको मतलब..???
सब अपना अपना भाग का खाते हैं...
हम भी अपना पुन्न का स्टाक से खा और इतरा रहे हैं...
तू भूखा.. नंगा... ई तोरा भाग...
त फिर हमरा भरलका मलाईदार छप्पन भोग थरिया देख के ई जलन काहे.. ई आक्रोस काहे..आयं ??
चल भाग इहाँ से..
नहीं भागेगा..??
त,,, का कल्लेगा बोल..???
जल्ला कट्टा बोली मारेगा...???
हा हा हा हा...कैसे ??
तोरा जीभ त है, हमरे जेब में ...!!!
त,,, अब का ...???
ओ....गोली मारेगा..???
लेकिन कैसे बे...???
हाथ है...???
सबका हाथ काट के हम जमा कर लिए अपना खजाना में...
अब हाथ, केवल औ केवल हमरे पास है...
आ जिसके हाथ में हमरा दिया हाथ है, ओही किसीको भी बोली या गोली, कुच्छो मार सकता है..
एहिलिये न कहते हैं, धड से आके धर लो ई हाथ...ससुर, राज करेगा राज ...!!!
" हमरा हाथ, हमरा हाथ धरने वाले हर जन- जनावर के साथ "
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